महिला मंडल की सदस्य प्रेमावती देवी बनी अन्य महिलाओं की प्रेरणास्रोत


प्रेमावती देवी नाथपुर गाँव के अन्य पिछड़ी जाति की ऐसे परिवार की महिला है जो आज से 4 साल पहले अपने घर के बाहर नहीं निकली थी ना उनके परिवार की कोई अन्य महिला, लेकिन वह अपने गाँव के अन्य आदिवासी महिलाओं को मंडल में बैठते देखती थी l जिस तरह गाँव की अन्य महिलाएँ प्रदान संस्था के मार्गदर्शन में विभिन्न आजीविका के श्रोतों जैसे आम बागवानी, सामुहिक टमाटर खेती, बकरी पालन आदि से जुड़ कर अपने परिवारिक स्थिति में सुधार कर रही थी उससे वो बहुत प्रभावित थी l इसलिए उसने अपने परिवार में मंडल से जुड़ने की इच्छा जाहिर की और अपने ही गाँव के पुराने मंडल से जुड़ गई और यहाँ से उन्होंने एक नई कहानी शुरू की l पहले तो वह खुद आजीविका के विभिन्न माध्यम से जुड़कर अपने आय को बढ़ाई फिर गाँव की अंन्य छुटी हुई महिलओं को समझाकर मंडल से जोड़ा l इसी जागरूकता को देखते हुए महिला मंडल ने उसे अपना प्रतिनिधि चुना और वो महिला विकास मंडल, पालकोट की बोर्ड सदस्य चुनी गयी | उसके बाद वो पालकोट के दुसरे गाँव के बारे में जान पाई और बाहर की दुनिया से रूबरू हुई | विभिन्न ट्रेनिंग के माध्यम से उनका ज्ञान एवं क्षमता वर्धन हुआ , जिसे उन्होंने अपने ग्राम संगठन के विकास के लिए लगाया | आज के दिन में उन्होंने नाथपुर ग्राम संगठन पालकोट को आदर्श ग्राम संगठन बनाया | इस ग्राम संगठन के माध्यम से महिलाओं ने कई कार्य किये लेकिन कुछ ऐसे है जो दुसरो के लिए भी प्रेरणा बन गए |


नाथपुर गाँव बड़काटोली में एक प्राथमिक विद्यालय था इसके बावजूद बच्चे वहां पढने नहीं जाते थे और इधर-उधर घूम कर अपना समय बर्बाद करते थे | क्योंकि वो विद्यालय भी हमेशा बंद रहता था | तब सभी सदस्यों ने मिलकर ग्राम संगठन में इस पर चर्चा की और तय किया कि वे लोग विद्यालय के शिक्षक से बात करेंगे | तब प्रेमावती दीदी ने शिक्षक से बात की | शिक्षक ने कहा कि वो तो पढ़ाना चाहते हैं पर बच्चे ही नहीं आते | तब उन्होंने फिर मंडल की सदस्यों के साथ चर्चा की और बंद स्कूल को खुलवाया और उन्होंने निर्णय लिया कि जितने भी 5 साल से ऊपर के बच्चे हैं उनका वहां मुफ्त नामांकन कराया जायेगा | इसी के तहत वो महिला मंडल कि सदस्यों के साथ प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से भी मिलने गई और आवेदन देकर अपनी समस्या से उन्हें अवगत कराई |

इसके बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी महिलाओं के कहने पर उनके गाँव गए और वहां की महिलाओं एवं शिक्षको के साथ मीटिंग किये और सभी समस्याओं पर चर्चा की और शिक्षक एवं गाँव की महिलाओ ने मिलकर स्कुल को फिर से शुरू कराने का निर्णय लिया | इसी के साथ स्कूल की देख-रेख के लिए एक निगरानी समिति का चुनाव किया गया जिसमे महिला मंडल की तीन सदस्य कुमुदनी केरकेट्टा, सुशीला किंडो एवं दीपावती देवी को रखा गया | इसी का परिणाम है कि वो बंद स्कूल न सिर्फ आज बहुत अच्छे से चल रहा है बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर छात्र तक पहुँचाया भी जा रहा है |

इतना ही नहीं इस समस्या का हल करने के बाद ग्राम संगठन का आत्म विश्वास इतना बढ़ गया है कि उन्होंने निर्णय लिया कि आने वाले चुनाव में भी हम अपने जागरूक दीदिओं को प्रतिनिधि के रूप में चुनेंगे | जिससे हम अपने परिवार, गाँव के हर एक समस्या का हल कर पाएंगे | उनके इस हौसले को पंख तब लग गया जब उनकी चुनी हुई प्रतिनिधि मुखिया, पंचायत समिति एवं प्रमुख बनी | सबसे बड़ी जीत तो यह है आज भी पालकोट की प्रमुख दीदी अपने ग्राम संगठन की एक भी मीटिंग नहीं छोडती और एक सामान्य महिला की तरह सभी समस्याओं पर चर्चा करती है और हर ट्रेनिंग में सामिल होती है | इसी का नतीजा है की नाथपुर गाँव धीरे-धीरे लगातार आगे बढ़ रहा है और स्वयं अपने विकास के रास्ते बना रहा है | आज प्रेमवती देवी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है |

19 views
We'd Love To Know What You Think
Rate UsPretty badNot so goodGoodVery goodAwesomeRate Us

 Our Partners 

  • Facebook App Icon
  • YouTube App Icon

© 2019 Mahila Vikas Mandal, Palkot 

Registered Under Societies Registration Act 1860. Registration No, 368/2013-2014